कंप्यूटर क्या है-(What is Computer in Hindi)-हिंदी में जानकारी

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कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी सभी को नहीं होती की कंप्यूटर क्या है यह कितने प्रकार का होता है कंप्यूटर का इतिहास और अन्य जानकारी जो कंप्यूटर से सम्बंधित है

इसलिये हमने यह पोस्ट (What Is Computer In Hindi) लिखी है जिसमे आपको Computer Related सभी Information मिलने वाली है

Introduction of Computer In Hindi

यह तो हम सब जानते है की कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो कुछ हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से मिलकर बनाया जाता है| लेकिन इसके अलावा भी कंप्यूटर के बारे में जानने के लिये बहुत सारी इनफार्मेशन है, जैसे यह किस प्रकार से कार्य करता है? कितने प्रकार से काम करता है?

कंप्यूटर की कार्य करने की शक्ति मनुष्य से कई गुना अधिक होती है क्योंकि यह एक मशीन है जो कभी थकती नहीं है| लेकिन मनुष्य एक सीमा तक ही काम कर सकता है उसके बाद उसे थकान होने पर आराम की जरुरत होती है|

कंप्यूटर के अविष्कार के साथ ही दूसरी टेक्नोलॉजी में भी बहुत विकास हो चूका है और आगे भी होने वाला है|टेक्नोलॉजी के विकास में कंप्यूटर एक महत्वपूर्ण रोल अदा करने वाला है|

भले ही स्मार्टफोन ने कंप्यूटर की जगह लेने की कौशिश की है लेकिन यह भी कंप्यूटर का ही रूप है|

definition of computer in Hindi (कंप्यूटर की परिभाषा)

कंप्यूटर की Definition (परिभाषा) सभी अलग-अलग बताते है क्योंकि कंप्यूटर की परिभाषा इसके कार्य, प्रकार और इसकी बनावट के आधार पर निर्भर करती है|

कंप्यूटर की कुछ महत्वपूर्ण परिभाषाएँ-

“कंप्यूटर एक इलेक्ट्रोनिक उपकरण है जो यूजर द्वारा दिये गए निर्देश या इनपुट पर उचित ऑपरेशन या प्रोसेस करने के बाद उसका आउटपुट प्रदान करता है “

“कंप्यूटर इलेक्ट्रोनिक डिवाइस है जो, हार्डवेयर और सॉफ्टवेर का एक कॉम्बिनेशन है “

“कंप्यूटर आर्टिफीसियल इंटेलीजेंसी पर आधारित एक उपकरण है जो विभिन्न प्रकार के डाटा (सूचनाओं ) को बदलने का कार्य करता है “

“Computer is a device which calculates and process of user input and gives the output and result of given figures and input.”

Full-Form of Computer (कंप्यूटर का फूल फॉर्म)

जिस प्रकार कई टेक्निकल चीजो का शॉर्टकट नाम होता है और उसका फुल फॉर्म भी होता है उसी तरह Computer Full Form भी होता है|

कंप्यूटर को हिंदी में संगणक भी कहा जाता है किन्तु यह Computer का पूरा नाम नहीं है|

कंप्यूटर का फूल फॉर्म- (Common Operating Machine Purposely Used for Technological and Educational Research).

History of Computer (कंप्यूटर का इतिहास)

कंप्यूटर का इतिहास बहुत ही पुराना है लगभग 3000 से 4000 हजार साल पहले से| तब से ही नई-नई मशीनों का अविष्कार गणना करने के लिये होता आ रहा है और गणना करने की मशीन के साथ ही कंप्यूटर का इतिहास और विकास प्रारंभ हुआ है|

सबसे पहले तीन हजार साल पहले Abacus का अविष्कार हुआ जो एक Mechanical Calculator मशीन थी|इसमें तारोँ की फ्रेम के अन्दर पक्की मिटटी के गोले पिरोये होते थे, जिनके द्वारा गणना की जाती थी|

दूसरा अविष्कार 17वी शताब्दी में Baize Pascal द्वारा एक Mechanical And Digital Calculator का हुआ था, जिसमे धातुं की छ चकरियाँ लगी होती थी और इनका एक मान होता था यह डिवाइस सिर्फ जोड़ घटाव का कार्य करता था|

इसको Adding Machine या Pascaline भी कहते थे|

सन 1801 में एक फ़्रांसिसी बुनकर द्वारा कपडे बुनने की मशीन (Loom) का अविष्कार किया गया जो इसमें लगे छिद्रयुक्त पच्कार्ड की सहायता से कपड़ो में डिजाईन आदि का कार्य करती थी|

18वी शताब्दी के बाद 19वी शताब्दी से आधुनिक कंप्यूटर का युग माना जाता है

Father of Computer

चार्ल्स बवेज को Father of Computer कहा जाता है जिन्होंने आधुनिक कंप्यूटर की नीव रखी थी|

चार्ल्स बवेज ने 1922 में एक मशीन का अविष्कार किया जिसका पूरा खर्च ब्रिटश गवर्नमेंट द्वारा दिया गया यह मशीन डेफ़रेंसिअल मशीन के नाम से जानी जाती है, यह गियर और सॉफ्ट से काम करती थी|

1933 में इसका एडवांस इंजन बनाया गया जिसे Analytical Engine के नाम से जाना जाता था| यह इंजन भांप से चलता था|

इसके 7 सालो के बाद कंप्यूटर के अविष्कार ने इलेक्ट्रोनिक पद्धति में अपना कदम रखा| IBM कम्पनी के इंजीनियरों ने एक विद्युत यांत्रिक कंप्यूटर का निर्माण किया|

जो 1944 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में भेज दिया गया था यह कंप्यूटर कुछ ही सेकंड में जोड़ घटाव और गुणा भाग कर सकता था, इसका नाम Mark -1 रखा गया था|

इसके बाद Atanasoff Barry Computer (ABC) का अविष्कार 1945 में हुआ था, यह दुनिया का सबसे पहला Electronic Digital Computer था|

history-of-computer-machines
History of computers

इसके बाद डिजिटल कंप्यूटर का विकास अलग-अलग जनरेशन के अनुसार होता गया और इसकी गति क्षमता और ऑटोमेशन की प्रक्रिया भी तेज होती गयी|

आज Smartphone और Smart Watches भी आ चुकी है जो यह दर्शाती है की सबसे पहले कंप्यूटर के इतिहास से अभी तक की टेक्नोलॉजी में कई गुना अधिक विकास हो चूका है|

Generations of computer (कंप्यूटर की सभी पीढ़ियां)

मैकेनिकल और एनालॉग कैलकुलेटर के बाद डिजिटल कंप्यूटर का विकास शुरू हो गया इसी के साथ आधुनिक कंप्यूटरों का विकास प्रारम्भ हो गया|

आधुनिक कंप्यूटर भी पीढ़ी दर पीढ़ी बनते गये और इनका डेवलपमेंट होता गया|

कंप्यूटर की विभिन्न पीढियाँ आगे बताई जा रही है|

First Generation of Computer (प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर) [1951-1959]

1st generation of computer की शुरुवात सन 1951 से हो चुकी थी जब अमेरिकन ब्योरो ने जनगणना के लिये कंप्यूटर ANIC का विकसित रूप UNIVAC-1 कंप्यूटर ख़रीदा| UNIVAC सबसे पहला इलेक्ट्रोनिक कंप्यूटर था|

जो विशेष रूप से bussiness एप्लीकेशन के लिये तैयार किया गया था इसके पहले कंप्यूटर केवल विज्ञान, इंजीनियरिंग और सेना तक ही सिमित थे|

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर की विशेषताएँ-

  • इलेक्ट्रोनिक सर्किट में Vacume Tube का use किया जाता था|
  • डाटा स्टोरेज के लिये पंच’कार्ड का उपयोग होता था
  • रिजल्ट पंचकार्ड और कागज पर प्राप्त होते थे
  • एक्सटर्नल स्टोरेज में मेग्नेटिक ड्रम का use होता था
  • Page Processing शुरू हो सकती थी
  • मशीन लैंग्वेज और अस्सेम्ब्ली लैंग्वेज का अविष्कार हुआ

Example:- UNIVAC – 1, IBM 650

कंप्यूटर क्या है-(What is Computer in Hindi)-हिंदी में जानकारी

Second Generation Of Computer (द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर) [1959 – 1964]

2nd generation के computers की शुरवात 1959 से 1964 तक मानी जाती है सन 1948 में बेल-लेबोरेट्री द्वारा ट्रांजिस्टर का अविष्कार किया गया ट्रांसिस्टर को उपयोग करने के बाद द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर की कार्य क्षमता और accuracy बहुत बढ़ गयी|

इन कंप्यूटर की स्पीड और विश्वश्नियता बढ़ी और इन्हें अधिक उपयोग में लाया जाने लगा|

द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटरों की विशेषताएँ-

  • इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में ट्रांजिस्टर का उपयोग होने लगा था
  • डाटा इनपुट करने के लिये पंचकार्ड और मेग्नेटिक टेप का इस्तेमाल होता था
  • आउटपुट प्राप्त करने के लिये कागज और पंचकार्ड का यूज़ किया गया
  • एक्सटर्नल स्टोरेज के लिये मेग्नेटिक टेप का उपयोग किया जाता था
  • मल्टी यूजर टेक्नोलॉजी का विकास हुआ
  • High-Level Language जैसे Fortran and Cobol आदि का अविष्कार हुआ

Example:- IMB-1400/ 700

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Third Generation Of Computer (तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर) [1964-1970]

3rd Generation of computer का विकास 1964 के मध्य माना जाता है| इस समय IBM कंपनी ने एतिहासिक रूप से कंप्यूटर के विकास पर जोर दिया था|

तब IBM ने “System -1360 Line” कंप्यूटर को बनाया था| इसके बाद से इसी प्रकार के कंप्यूटर की श्रंखला का चलन प्रारंभ हुआ|

इसी पीढ़ी में एल्क्ट्रोनिक Integrated Circuit (IC) को भी बनाया गया था|इस पीढ़ी के कंप्यूटर के सर्किट में लॉजिक के रूप में IC को लगाया जाने लगा|

तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर की विशेषताएँ-

  • सर्किट में IC का प्रयोग होने लगा
  • इनपुट और आउटपुट के लिए कीबोर्ड और मॉनिटर का उपयोग होने लगा
  • एक्सटर्नल स्टोरेज के लिये मेग्नेटिक डिस्क का प्रयोग होता था
  • कंप्यूटर का साइज़ छोटा हो गया जिससे इसका रखाव आसान हो गया
  • High-Level Programming language का प्रयोग बड़े लेवल पर होने लगा

Example:- ICL – 2903, UNIVAC 1108, ICL 1900, System 1360

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Fourth Generation Of Computer (चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर) [1970-1975]

कंप्यूटर विकास की चौथी पीढ़ी 1970 से प्रारंभ हुई इस पीढ़ी में LSI (Large Scale Integration) और VLSI (Very Large Scale Itegration) तकनीक (टेक्नोलॉजी) का विकास होने लग गया था|

LSI द्वारा हजारों कोड और VLSI द्वारा हजारों ट्रांजिस्टर एक छोटी सी चिप में समा गये (Integrate हो गये),

सन 1970 में Intel Corporation के “मार्शन होफ़” ने कंप्यूटर के सम्पूर्ण CPU Circuit को एक छोटे से चिप में तैयार किया, इस चिप का नाम Intel-4004 दिया गया|

इस चिप में लगभग 3 लाख ट्रांजिस्टर के बराबर कार्य करने की क्षमता थी|

इस छोटे से चिप को माइक्रोप्रोसेसर कहा जाता था और माइक्रोप्रोसेसर युक्त कंप्यूटर को माइक्रो कंप्यूटर कहा जाने लगा; यह विश्व का सबसे पहला माइक्रोप्रोसेसर था|

MITS नामक कंपनी ने सबसे पहला माइक्रो कंप्यूटर ALTAIR 8800 बनाया था|

इसी कंप्यूटर का विकास करके Bill Gates ने इसमें Basic Language की स्थापना की और दूनिया भर के कंप्यूटरों के स्वामी बन गये|

चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर की विशेषताएँ-

  • बहुत सारे इनपुट आउटपुट डिवाइस का विकास शुरू हुआ
  • ज्यादा fast और ज्यादा स्टोरेज कैपेसिटी वाले मेटल-ऑक्साइड सेमीकंडक्टर का निर्माण हुआ
  • Decision Support System का विकास हुआ
  • डाटा बेस मैनेजमेंट की शुरुवात हुई
  • कंप्यूटरों की साइज़ बहुत छोटी हो गयी और स्टोरेज क्षमताये बढ़ गई
  • कंप्यूटर की कीमत साधारण आदमी के लिये भी मुमकिन थी
  • कंप्यूटर का नेटवर्क बनने लग गया

Example:- ALTAIR 8800

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fifth Generation Of Computer (पंचम पीढ़ी के कंप्यूटर) [1975 से आजतक]

आज वर्तमान समय में हम 5वीं पीढ़ी के कंप्यूटर पर काम कर रहे है, 5th Generation की टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे है|

प्रारंभ में कंप्यूटरों को आपस में जोड़कर इनफार्मेशन के आदान-प्रदान हेतु नेटवर्किंग प्रारंभ हुई, VLSI को उन्नत कर ULSI (Ultra Large Scale Integration) चिप बनाये गये|

इससे मिक्रोप्रोसेसर का आकार लगातार छोटा होता जा रहा है| इसी पीढ़ी में 4th Generation के कंप्यूटर की अपेक्षा Palmtop, Laptop, का आकार 1 चौथाई (1/4) रह गये है|

इस पीढ़ी में palmtop एवं laptop आदि का अविष्कार हुआ एवं यह बड़ी तेज़ी से प्रचलित हुए इनके प्रचलन के कारण इनका छोटा आकार है|

पाँचवी पीढ़ी के कंप्यूटर में Artificial Intelligence का डेवलपमेंट लगातार हो रहा है| इसमें Portability भी बढ़ गयी जिससे इनको एक स्थान से दुसरे स्थान पर ले जाना बहुत ही आसान है|

यहाँ तक की पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर हाथ की घड़ी तक आ गए है स्मार्टफ़ोन भी पांचवी पीढ़ी के ही कंप्यूटर का रूप है|

पंचम पीढ़ी के कंप्यूटर की विशेषताएँ-

  • इंटरनेट का प्रचलन भारी मात्रा में शुरू हो गया
  • आवश्यकतानुसार आकार के कंप्यूटरों का निर्माण होने लगा
  • आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस का विकास चरम सीमा तक जाने लगा
  • Embedded System से Device बनने लगे है
  • रोबोटिक वर्क बढ़ने लग गया और डिजिटल साक्षरता बढ़ गयी
  • multi-media और ग्राफ़िक्स का उपयोग होने लग गया
  • सभी जगह टेक्नोलॉजी का यूज़ आसानी से होने लगा
  • डिजिटल तकनीक का अधिक विकास हुआ है
  • बड़े लेवल पर इन्टरनेट नेटवर्क की उन्नति हो रही है
  • Microchips का प्रचलन चलने लगा है

Example:- Smartphone, Laptop, Smartwatches Etc.

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Types of Computer (कंप्यूटर के विभिन्न प्रकार)

अगर हम बात करे कंप्यूटर की, तो हमारे दिमाग में सिर्फ डेस्कटॉप और लैपटॉप ही आते है क्योंकि हमने इन्ही को देखा और इनके ही बारे में जाना है|

लेकिन ये भी कंप्यूटर की एक केटेगरी से संबंध रखते है इस प्रकार अलग-अलग केटेगरी के अनुसार कंप्यूटर अलग-अलग प्रकार के होते है, लेकिन शायद आपको इसके बारे में पता नहीं है की कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है|

तो चलिये जानते है Different Types Of Computer के बारे में, कंप्यूटर को उनकी कार्यप्रणाली, साइज़, और उद्देश्य के आधार पर तीन केटेगरी में बाटा गया है|

  • Based On Mechanism (कार्यप्रणाली के आधार पर कंप्यूटर)
  • Based On Purpose (उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर)
  • Based On Size (आकार के आधार पर कंप्यूटर)

Based On Mechanism (कार्यप्रणाली के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार)

कंप्यूटर को इसकी कार्यविधि के अनुसार तीन (Analog, digital, Hybrid)भागो में बाँटा गया है

Analog Computer

एनालॉग कंप्यूटर भौतिकी से सम्बंधित मात्राओं को मापने (Measurement) के लिये प्रयुक्त किये जाते है इन कंप्यूटर डिवाइस में इलेक्ट्रिसिटी का होना आवश्यक नहीं है ये बिना विद्युत के भी कार्य कर सकते है|

ये ग्राफ और रेंज के रूप में परिणाम देते है और डाटा स्टोर करने में सक्षम नहीं होते है क्योंकि इनमे स्टोरेज मेमोरी नहीं लगी होती है|

जैसे: वायु दाबमापी (मैनोमीटर) या तापमापी (थर्मामीटर) लम्बाई एवं चौडाई मापी (इंफेन्टोमीटर और स्टेडियोमीटर) भी एनालॉग कंप्यूटर सिस्टम के उदहारण है ये वातावरण की भौतिक स्थिति के अनुसार कार्य करते है और उसका रिजल्ट देते है|

इसके अनुसार ये वोल्टेज, करंट (धारा), स्पीड, गहराई, ब्लड प्रेसर, आदि मापने के लिये भी उपयोग किये जाते है|

ये आधुनिक युग के पहले कंप्यूटर से जिन्हें सबसे पहले बनाया गया था ये वातावरण और मापन पद्धति के अनुसार अलग-अलग साइज़ और प्रकार के हो सकते है|

इनका उपयोग टेक्नोलॉजी, विज्ञान, इंजिनीयरिंग और शिक्षा आदि क्षेत्रों में किया जाता है|

Digital Computer

जिस प्रकार एनालॉग कंप्यूटर Measurement से सम्बंधित होता है उसी प्रकार Digital Computer, गणितीय और तार्किक आधार पर Counting (काउंटिंग) और Measurement की प्रोसेस करते है|

डिजिटल कंप्यूटरों में जितनी भी काउंटिंग की प्रोसेस होती है सब Digit (0 and 1) पर आधारित होती है| इन डिवाइस में इनपुट विधी on/off के माध्यम से होती है| On का मतलब Digit (1) और Off का मतलब Digit (0) होता है|

डिजिटल कंप्यूटर arithmetical और logical ऑपरेशन परफॉर्म करते है जैसे: Addition, Subtraction, Multiplication, Division आदि|

डिजिटल कंप्यूटर, एनालॉग कंप्यूटर का Standard Version होता है क्योंकि इसमें एक स्टोरेज मेमोरी होती है लेकिन एनालॉग कंप्यूटर में मेमोरी नहीं होती है|

डिजिटल कंप्यूटर को यूज़ करने के लिये विधुत धारा की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि ये के एल्क्ट्रोनिक सर्किट से कार्य करते है इसलिए इनमे पॉवर सप्लाई देना पडता है|

एनालॉग कंप्यूटर के मुकाबले डिजिटल कंप्यूटर बहुत ही एक्यूरेट (एकदम सही) परिणाम बताते है जो एक डिस्प्ले पर प्राप्त होता है ये एनालॉग कंप्यूटर से बहुत फ़ास्ट होते है|

इनमे परिणाम Number, Letter, graphics या किसी स्पेशल Symbol के द्वारा स्क्रीन पर दिखाई देता है|

Hybrid Computer

जैसे की इनके नाम से ही जान पड़ता है की ये दो रूपों को मिलाकर एक रूप बनाया है अर्थात Hybrid Computer, एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल कंप्यूटर से मिलकर बनते है|

हाइब्रिड कंप्यूटर में एनालॉग और डिजिटल दोनों प्रकार के कार्य किये जा सकते है इसमें दोनों तरह के Features होते है|

हाइब्रिड कंप्यूटर पहले एनालॉग तरीके से मेज़रमेंट करते है फिर उसके परिणाम को डिजिटल तरीके से दिखाते है|

जैसे:- ATM मशीन में नोट गिनने की प्रोसेस एनालॉग तरीके से है, लेकिन स्क्रीन पर दिखाने की प्रोसेस डिजिटल होती है, इसी प्रकार पेट्रोल पंप पर कितना पेट्रोल गाड़ी में डाला गया यह एनालॉग तरीके से Measure होता है लेकिन स्क्रीन पर डिजिटल रूप में दिखाई देता है|

इसी प्रकार दुसरे डिवाइस जो एनालॉग तरीके से मापते है और डिजिटल तरीके से परिणाम दिखाते है उन्हें हाइब्रिड कंप्यूटर ही कहा जाता है|

ये ऊपर बताये गए दोनों प्रकार के कंप्यूटरों से अधिक accurate and fast कार्य करते है| इनको हिंदी में संकरित कंप्यूटर भी कहते है|

Based On Purpose (उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार)

कंप्यूटर तो कई प्रकार के होते है लेकिन सबको किसी न किसी उद्देश से ही बनाया जाता है क्योंकि बिना उद्देश्य के तो आजतक कोई अविष्कार शायद नहीं हुआ है और कंप्यूटर भी एक अविष्कार ही है|

इसलिए कहते है की “आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है”

इसलिये इनको अलग-अलग उद्देश्य के आधार पर 2 भागों में बाँटा गया है|

  • General Purpose Computer
  • Special Purpose Computer

General Purpose Computer (सामान्य उद्देश्य के लिये कंप्यूटर )

ये कंप्यूटर सामान्य उपयोगी कार्य करने के लिये बनाये जाते है हम जो भी कंप्यूटर चलाते है उनको General Purpose Computer ही कहा जाता है|

इन कंप्यूटर में साधारण सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्य किये जा सकते है, जैसे Photoshop (फोटो एंड विडियो एडिटिंग के लिये), वर्ड प्रोसेसिंग, म्यूजिक, म्यूजिक प्ले आदि|

इन कंप्यूटरों में बहुत सारे टास्क परफॉर्म हो सकते है और इनमे कई सारे काम किये जा सकते है ये Versatile होते है|

जैसे: PC And Laptop एक General Purpose कंप्यूटर ही है|

Special Purpose Computer (विशेष उद्देश्य के लिये कंप्यूटर)

ये कंप्यूटर भी general purpose computer की तरह ही होते है लेकिन इनको किसी विशेष कार्य को करने के लिए बनाया जाता है|

इन कंप्यूटर में ज्यादातर एक ही टास्क परफॉर्म होता है जैसे अंतरिक्ष अनुसंधान में Space में उपस्थित Satellite से संपर्क करने के लिये Special Purpose computer ही यूज़ किये जाते है|

ATM भी इसी केटेगरी में आता है क्योंकि इसमें एक ही काम होता है पैसे निकालना और चेक करना|

इन कंप्यूटर की कीमत जनरल पर्पस वाले कंप्यूटर से बहुत अधिक हो सकती है और कम पोर्टेबल होते है इनकी साइज़ भी अधिक हो सकती है|

इनमे सबसे बड़ी ख़ासियत यह होती है की ये किसी भी कार्य को एकदम सटीक ढंग से और एक्यूरेट करते है|

इनका उपयोग: Railway, Engineering, Space Research, Editing आदि कार्यो के लिये किया जाता है|

Based On Size (आकार के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार)

ऊपर बताये गए कंप्यूटर ही इस केटेगरी में आते है लेकिन इनको साइज़ के आधार पर अलग-अलग नामों से जाता जाता है|

क्योंकि कंप्यूटर को जरुरत के अनुसार छोटे-बड़े आकार में बनाया गया है और इसी आधार पर इनके नाम भी रखे गए है तो चलिये जानते है आकार के आधार पर कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है?

  • Super Computer
  • Mainframe Computer
  • Mini-frame or Mini Computer
  • Micro Computer
  • Desktop computer
  • Work Station
  • Server Computer
  • Palmtop and Portable Computer
  • Wearable

Super Computer

ये बहुत ही फ़ास्ट होते है इनमे कई CPU एक साथ कार्य कर सकते है ये कंप्यूटर multi-purpose के लिये बनाये जाते है|

इनको Multi-User के लिये भी उपयोग किया जाता है इसको एक से अधिक लोग एक साथ चला सकते है|

ये मिली सेकंड में किसी भी प्रॉब्लम का Solution दे सकते है|इसमें 1 second में एक अरब गणना करने की क्षमता होती है, इनकी स्टोरेज कैपेसिटी भी बहुत High होती है ये कंप्यूटर दुनिया के सबसे कीमती कंप्यूटर होते है, जो बड़े-बड़े कार्य करने के लिये किये जाते है|

ये Parallel Processing पर कार्य करते है जिसम कई CPUs को एक साथ यूज़ किया जाता है, इसलिये ये बहुत शक्तिशाली होते है “PARAM-10000” सबसे शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर है|

Mainframe Computer

ये कंप्यूटर भी बहुत फ़ास्ट होते है लेकिन इनकी स्पीड सुपर कंप्यूटर से कम होती है ये डाटा प्रोसेसिंग और डाटा हैंडलिंग के लिये उपयोग होते है|

Main-Frame कंप्यूटर में लगभग 100 लोग एक साथ कार्य कर सकते है इसकी वर्ड length 48 Bits से 64 bits तक होती है, इनका यूज़ बैंकिंग, रेलवे आदि कार्यो के लिये employee द्वारा किया जाता है|

ये सामान्यतः आकार में सुपर कंप्यूटर की तरह बड़े होते है|

IBM – 4381, ICL 39, IBM S/390, CDC 6600 आदि सब मेन-फ्रेम कंप्यूटर है|

Mini-frame or Mini Computer

ये Main-Frame से छोटे होते है इनकी कैपेसिटी भी में मेन फ्रेम कंप्यूटर से कम होती है लेकिन ये भी आकार में मध्यम ही होते है, ये कंप्यूटर भी multi-user के लिये बनाये जाते है|

इनकी कीमत भी अधिक ही होती है साधारण व्यक्ति के लिये ये कंप्यूटर उपयोग में नहीं आते है इनको किसी बड़े आर्गेनाइजेशन और कंपनी के ऑफिस आदि के लिये यूज़ किया जाता है|

PDP-11 और VAX भी Main-Frame कंप्यूटर के उदहारण है|

Micro Computer

ये कंप्यूटर Mainframe कंप्यूटर से छोटे होते है इनकी स्पीड और कार्य क्षमता भी मेन फ्रेम से कम ही होती है|

ये सस्ते होते है इनको साधारण व्यक्ति भी खरीद सकता है|

यह single User के लिये बनाया गया है, माइक्रो कंप्यूटर microprocessor के द्वारा कार्य करते है इनमे एक ही CPU होता है|

जैसे: PC (Personal Computer) या Notebook माइक्रो कंप्यूटर ही है|

Desktop Computer

ये भी माइक्रो कंप्यूटर ही होते है लेकिन इनको एक ही जगह पर रखकर यूज़ किया जाता है इनको किसी टेबल या Desk पर रखकर कार्य किया जाता है, इसलिये इनको Desktop computer कहा जाता है|

हम जो कंप्यूटर चलाते है या जो छोटे ऑफिस में कार्य करने के लिये यूज़ किये जाते है इनको Desktop कंप्यूटर ही कहते है|

इनमे अधिकतर Windows, dos, Mac, Linux आदि Operating System software इनस्टॉल होते है|

Work Station

वर्क स्टेशन मतलब इनके नाम से ही पता चलता है की ये किसी कार्य को करने के लिये बनाये जाते है ये सामन्यतः मनोरंजन के लिये नहीं बनाये जाते है

इनका यूज़ बड़े ग्राफ़िक्स कार्य, एनीमेशन बनाना, कार्टून डिजाईन, सॉफ्टवेयर डेवेलपमेंट आदि के लिये किया जाता है|

ये माइक्रो और डेस्कटॉप कंप्यूटर की तरह है होते है लेकिन ये हाई कैपेसिटी और अधिक रेम और पॉवर के साथ बनाये जाते है,

इनमे High-Resolution की डिस्प्ले होती है, इनका आकार माइक्रो कंप्यूटर से बड़ा होता है और ये महंगे भी होते है|

SGI Workstation, Compaq, And Unix-Based Sun आदि Work Station कंप्यूटर के उदहारण है|

Server Computer

इसे आमतौर पर सर्वर ही कहा जाता है लेकिन यह भी एक कंप्यूटर ही होता है जो दुसरे कंप्यूटर से इन्टरनेट के माध्यम से जुड़ता है जिसे क्लाइंट कंप्यूटर कहते है|

जब client computer इन्टरनेट से किसी website से डाटा को एक्सेस करते है तो server computer उस डाटा को प्रदान करता है|

सर्वर कंप्यूटर आकार में बहुत बड़े और अल्ट्रा हाई क्षमता के होते है ये 24 घंटे में कभी भी बंद नहीं होते है ये पुरे साल भी बंद नहीं होते है|

लगातार चालू रहने से ये गर्म होते है इसलिये इनको ठंडा करने के लिये विशेष प्रकार के सिंक लगाये जाते है जो इनको ठंडा रखने में मदद करता है|

ये काफ़ी महंगे होते है और साधारण उपयोग के लिये नहीं होते है|

Palmtop and Portable Computer

palm को हिंदी में हथेली कहते है अर्थात वो कंप्यूटर जिनको हथेली के ऊपर रखकर यूज़ किया जा सकता है palmtop कंप्यूटर कहलाते है|

इनकी क्षमता बड़े कंप्यूटर से कम होती है लेकिन इनमे भी बड़े कंप्यूटर से सम्बंधित कार्य करने की क्षमता हो सकती है|

इनकी कीमत आमतौर पर कम होती है लेकिन आवश्यकता अनुसार इनमे जितने अधिक फीचर और क्वालिटी होती है उसी के अनुसार इनकी कीमत होती है|

आपका स्मार्टफोन भी एक Palmtop कंप्यूटर ही है यह पोर्टेबल होता है मतलब इसको एक स्थान से दुसरे स्थान पर ले जाना बहुत ही सरल है इसलिये इसका नाम मोबाइल रखा गया है, इसके अलावा Tablet और P.D.A. (Personal Digital Assistant) भी palmtop कंप्यूटर ही है|

Wearable Computer

palmtop की तरह wearable कंप्यूटर भी आकार में छोटे होते है इनको भी आसानी से हाथ में पकड़कर यूज़ किया जा सकता है, आमतौर पर इनको पहना जाता है|

लेकिन फिर भी ये मोबाइल जितने इफेक्टिव नहीं होते है, इनकी कीमत भी क्वालिटी और कंपनी ब्रांड के अनुसार कम या अधिक हो सकती है|

Smartwatch and Smart Glass को Wearable कंप्यूटर ही कहते है|

Block Diagram Of Computer (कंप्यूटर के भाग)

एनालॉग कंप्यूटर के अलावा सभी कंप्यूटर एक सिस्टम में कार्य करते है और इसी सिस्टम में सभी प्रकार के ऑपरेशन होते है इसको कंप्यूटर का प्रोसेसिंग सिस्टम भी कह सकते है, कंप्यूटर के प्रोसेसिंग सिस्टम को एक ब्लॉक आरेख (DIAGRAM) से दर्शाते है|

इस ब्लाक आरेख (Block Diagram) में मुख्य रूप से चार भाग है| इसमें Input & Output , CPU और Main Memory होती है ये चारो भाग एक System Bus द्वारा आपस में कनेक्ट होते है|

  • Input Unit
  • Output Unit
  • CPU
  • Memory
block-diagram-of-computer
Block Diagram Of Computer

Input System/Unit

इनपुट सिस्टम में सभी तरह के इनपुट से सम्बंधित कार्य होता है इसमें सभी इनपुट डिवाइस जुड़े होते है|

कंप्यूटर का यह भाग CPU को प्रोसेसिंग के लिये निर्देश देता है| जिससे CPU इनपुट सिस्टम द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करता है और उस पर प्रोसेसिंग करता है|

Output System/Unit

यह कंप्यूटर में परिणाम बाताने के लिये यूज़ किया जाता है इस सिस्टम में CPU द्वारा प्रोसेस किये गये डाटा का Output प्राप्त किया जाता है|

इनपुट किये गए डाटा पर प्रोसेसिंग के बाद आउटपुट प्राप्त किया जाता है इसमें सभी आउटपुट डिवाइस जुड़े होते है|

CPU (Central Processing Unit)

यह कंप्यूटर का सबसे मुक्य हिस्सा है इसी में कंप्यूटर सभी कार्य किये जाते है CPU को सेट्रल प्रोसेसिंग यूनिट कहते है हिंदी में “केंद्रीय प्रसंस्करण इकाइयाँ” कहते है|

इसी से सभी पराकार के डाटा पर प्रोसेसिंग की जाती है इसके तीन भाग होते है|

  • ‘CU’ Control Unit (नियंत्रण इकाई)
  • ‘ALU’ Arithmetic Logical Unit (गणितीय एवं तार्किक इकाई)
  • Main Memory / Registers (मुख्य मेमोरी / रजिस्टर )

‘CU’ Control Unit (नियंत्रण इकाई)

यह यूनिट पुरे कंप्यूटर सिस्टम की गतिविधियों को नियंत्रित करती है इसका कार्य Main Memory और ALU के बिच इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल (निर्देश या डाटा) के आदान-प्रदान एवं इनपुट -आउटपुट की गतिविधियों को कण्ट्रोल करना होता है,

यह CPU का मुख्य हिस्सा होता है|

‘ALU’ Arithmetic Logical Unit (गणितीय एवं तार्किक इकाई)

यह सी.पी.यु. का वह हिस्सा होता है जिसमे सभी Mathematical (गणितीय) और Logical (तार्किक) गणनायें और प्रोसेस होती है,

जैसे:- जोड़, घटाव, गुणा, भाग आदि तार्किक कार्य जैसे दो संख्याओं की तुलना करना, डाटा सोर्टिंग करना, डाटा के एक रूप को अन्य रूप में बदलना, डाटा को स्थाई रूप से संगृहीत करना आदि कार्य ALU यूनिट में होते है|

ALU UNIT ही डाटा प्रोसेसिंग की गति को तय करती है, जिसके आधार पर कंप्यूटर की क्षमता मापी जाती है| वर्तमान में कंप्यूटर की स्पीड को नेनो सेकंड्स एवं पीको सेकंड्स में मापा जाता है जो की एक सेकंड का क्रमश: एक अरबवां (Billionth) व एक खरबवां (Trillionth) हिस्सा है|

Main Memory / Registers (मुख्य मेमोरी / रजिस्टर)

यह CPU के अन्दर एक अस्थाई स्थान है इस इकाई में सूचनाओ का संग्रहण किया जाता है| कंप्यूटर की इनपुट यूनिट द्वारा भेजी गयी सूचनायें एवं निर्देश सर्वप्रथम Main Memory में संगृहीत होते है|

ALU से प्रक्रिया के दौरान प्राप्त परिणाम एवं प्रक्रिया के बाद प्राप्त परिणाम भी आउटपुट यूनिट में जाने से पहले मेमोरी यूनिट में ही संगृहीत होते है|

यह दो प्रकार की होती है

  • RAM (यह स्थाई होती है)
  • ROM (यह अस्थाई होती है)

Register (रजिस्टर)

रजिस्टर एक प्रकार के RAM बिट्स का एक छोटा सा समूह होते है इनमे डाटा संगृहीत होते है जो ALU या FPU (Floatting-Point Processing Unit) द्वारा प्रोसेस किये जाते है|

प्रारंभ में कंप्यूटर 16-Bits सीपीयू रजिस्टर वाले होते थे जिन पर केवल DOS एवं Window 3.X रन किये जा सकते थे|

पेंटियम, MMX एवं बाद वाले पेंटियम प्रोसेसर में 138- bit Register होते है जिनसे ALU एक ही निर्देश के आधार पर multiple 32-bit नंबर के आधार पर कार्य कर सकती है|

Components of Computer (कंप्यूटर के अवयव)

CaseMonitor
MotherBoardCPU or Processor
Hard DriveMemory
Video CardSpeaker
Graphics CardRAM
KeyboardMouse
CD/DVD ROMCase Fan
ModemNetwork Card Nic
Zip DriveVGA Card
USB PortHeat Sink
Power SupplyCPU Fan
Sound CardPower Cable
RouterCache Memory

Characteristics And Limitations of Computer (विशेषताएँ एवं सीमायें या कमियाँ)

कंप्यूटर के अविष्कार ने हमारे जीवन को बहुत ही अधिक प्रभावित कर दिया है इसके आने से हमारी बहुत सारी समस्यायें कुछ ही पलों में सोल्व हो जाती है|

कंप्यूटर की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ है और इन्ही के साथ कंप्यूटर की कुछ सीमायें भी है जो कंप्यूटर की कमी बताती है|

Characteristics of Computer (कंप्यूटर की विशेषताएँ)

  • Speed (गति): कंप्यूटर की गति मनुष्य के दिमाग से कई गुना अधिक होती है ये नेनो सेकंड्स में गणनायें कर सकता है|
  • Accuracy (शुद्धता): चूँकि गलती तो मनुष्य से होती है लेकिन कंप्यूटर एक एल्क्ट्रोंनिक मशीन है जो गणना में कभी भी गलती नहीं कर सकता|
  • Storage (संचयन क्षमता): इसमें मेमोरी होती है जो इसकी स्टोरेज क्षमता को दर्शाती है कंप्यूटर की स्टोरेज क्षमता साधारण उपकरणों की स्टोरेज क्षमता से कई गुना अधिक हो सकती है|
  • Automation (स्वचालन): यह एक स्वचालित डिवाइस है इसको एक बार पॉवर सप्लाई दे कर ऑन करने के बाद निर्देश के अनुसार स्वयं ही कार्य कर सकता है|
  • Diligence (अनवरतता / सक्षमता): कंप्यूटर बहुत सारी जटिल समस्यओं के समाधान निकालने में सक्षम होता है जो मनुष्य के लिये करना बहुत ही कठिन या असंभव है|
  • Versatility (व्यापक उपयोगिता): कंप्यूटर का उपयोग कई टास्क या कार्यो को करने के लिये किया जा सकता है इसमें Multi-Tasking का फीचर होता है|

Limitations of Computer (कंप्यूटर की सीमायें या कमियाँ)

  • व्यवहारिक ज्ञान और बुद्धिमत्ता की कमी: कंप्यूटर में एक्यूरेट कार्य करने की क्षमता होती है लेकिन इसमें व्यवहारिक ज्ञान नहीं होता है इसमें स्वयं की बुद्धि नहीं होती है, कंप्यूटर जिस कार्य के लिये बनाया जाता है यह वही कार्य करता है स्वयं से कुछ नहीं करता|
  • अचेतन या जड़ता: कंप्यूटर एक अचेतन सिस्टम है इसमें जीवन नहीं होता यह केवल एक मशीन है जो मनुष्य द्वारा बनाई गई मनुष्य जब चाहे, जैसा चाहे इसका यूज़ कर सकता है|
  • निर्देशों पर निर्भरता: जैसा की कंप्यूटर में स्वयं की बुद्धि नहीं होती है इसको सही गलत का ज्ञान नहीं होता, कंप्यूटर यूजर्स द्वारा दिये गये Instructions (निर्देशों) पर निर्भर होता है और उसी के अनुसार कार्य करता है|

Uses and Application of Computer (कंप्यूटर के उपयोग एवं अनुप्रयोग)

  • Education (शिक्षा के क्षेत्र में): इसका यूज़ ऑनलाइन पढाई के लिये बहुत ही उपयोगी साबित हुआ है और कोरोना वायरस के बाद तो ऑनलाइन शिक्षा में कंप्यूटर में महत्वपूर्ण रोल अदा किया है|
  • Business (व्यापार में): व्यापार में भी कंप्यूटर बहुत उपयोगी है इसके द्वारा व्यापार में लेन्न-देन इन्वेंटरी आदि का लेखा जोखा आसानी से होआ जाता है|
  • Banking (बैंक में): बैंकिंग के क्षेत्र में तो कंप्यूटर के बिना कोई कार्य आज के समय में हो ही नहीं सकता क्योंकि सब कुछ ऑनलाइन हो चूका है इसलिये ऑनलाइन बैंकिंग में भी इसका बहुत योगदान है|
  • Internet (इंटरनेट): डिजिटल कंप्यूटर के आने के बाद इंटरनेट का बहुत उपयोग बढ़ गया है जिससे डिजिटल साक्षरता में भी विकास होता है इसे घर बैठे ब्लॉगिंग आदि ऑनलाइन काम करके पैसा भी कमा सकते है|
  • Digital Marketing (मार्केटिंग में): वैसे तो मार्केटिंग बिना कंप्यूटर के बी की जा सकती है लेकिन अगर बात की जाए डिजिटल मार्केटिंग की तो कंप्यूटर का होना बहुत ही आवश्यक है|
  • Medical Field (चिकित्सा क्षेत्र में): कंप्यूटर के अविष्कार के साथ चिकित्सा के क्षेत्र में भी काफी इम्प्रूवमेंट हो चूका है बड़ी से बड़ी सर्जरी भी कंप्यूटर सिस्टम का सहारा लेकर आसानी से हो जाती है|
  • Engineering And Science (विज्ञान और रिसर्च में): विज्ञान और इंजीनियरिंग के बदौलत तो आज हम कंप्यूटर को उपयोग कर पा रहे है इसलिये विज्ञान के प्रत्येक क्षेत्र में कंप्यूटर का अपना अलग स्थान है|
  • Military (सेना): पहले के ज़माने में लडाईया अस्त्र-शस्त्र से लड़ी जाती है लेकिन आज के ज़माने का युद्ध इसके विपरीत है आज जितने भी फाइटर जेट्स और मिसाइल होती है सब कंप्यूटर से ही ऑपरेट किये जाते है| इसके अतिरिक्त राडार और सबमरीन (पनडुब्बी) में खासकर कंप्यूटर ही कार्य करता है|
  • Communication and Transport (संचार और परिवहन): ट्रांसपोर्ट के लिये भी कंप्यूटर बहुत उपयोगी है मालगाड़ियो में इम्पोर्ट/एक्सपोर्ट किये गए सामानों की के बिल भी ऑनलाइन ही कंप्यूटर के माध्यम से बनाये जाते है| साथ ही मोबाइल या कंप्यूटर द्वारा किसी भी व्यक्ति से कांटेक्ट करना चुटकियों का खेल है|
  • Government Sector (सरकारी क्षेत्र): सरकारी कर्मचारी भी फ्रौड करते थे लेकिन कंप्यूटर और इन्टरनेट के आने के बाद से सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार में कमी आ गयी है क्योकी सब कुछ कंप्यूटर से किया जाता है सभी कार्य डिजिटल हो गये है सरकारी कार्य कंप्यूटर के आने के बाद जल्दी होने लगे है जो की देश और दुनिया के लिये अच्छा सिग्नल है|

Conclusion of computer

दोस्तों इस पोस्ट (what is computer in Hindi) में आपने जाना की कंप्यूटर क्या होता है कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है| कंप्यूटर की कार्यविधी कैसी है|

साधारण भाषा में बताया जाये तो कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो मनुष्य द्वारा बनाये गए निर्देशों का पालन करता है उसी के अनुसार कार्यविधि है|

हम समझते है की आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी लगी है अगर आपका इस पोस्ट से सम्बंधित कोई प्रश्न है तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हो|

हमारे आर्टिकल को पढ़ने के लिये आपका दिल से धन्यवाद्!

सिखों सिखाओं, देश को आगे बाधाओं!

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